RSS

भूलने का बहाना करते, हम भूल सकते तो अच्छा था.

02 Nov

भूलने का बहाना करते, हम भूल सकते तो अच्छा था.
कभी खुद को खोते, सोचते ना मिलते तो अच्छा था.

जमाने को फर्क पड़ता नहीं कोई मिले या बिछड़ जाए,
वो उँगलियो का अधूरा मिलन, ना करते तो अच्छा था .

ढ़ेरों खुशियाँ कबसे खडी है यहॉ बाहें फैलाकर सामने ,
मासूमियत सजाकर तुम याद ना आते तो अच्छा था .

आज भी मंजर याद है ,हमें सर पर सजाकर रख्खा था,
हमारी हर छोटी फ़िक्रमें तुम यूँ ना जलते तो अच्छा था.

सबकुछ भूल जानेकी हर कोशिश ना कामियाब रही ,
तुममे बच्चों सी दिवानगी हमें ना दिखाते तो अच्छा था .

रेखा पटेल विनोदिनी

Advertisements
 

One response to “भूलने का बहाना करते, हम भूल सकते तो अच्छा था.

  1. Vimala Gohil

    November 2, 2016 at 5:00 pm

    “……….तो अच्छा था…..”
    हाँ, वो तो अच्छा था,’गर ऐसा होता…मगर यह बहुत अच्छा है ।

     

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: